Delhi Double Decker Bus: दिल्ली में डबल डेकर बसों की वापसी, संसद से इंडिया गेट तक प्रीमियम हेरिटेज सफर 500 रुपये में

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Delhi Double Decker Bus: दिल्ली में डबल डेकर बसों की वापसी, संसद से इंडिया गेट तक प्रीमियम हेरिटेज सफर 500 रुपये में

नई दिल्ली। करीब चार दशक बाद राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर आइकॉनिक डबल डेकर बसें दौड़ने जा रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐतिहासिक विजय चौक से इलेक्ट्रिक ओपन-टॉप डबल डेकर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने की घोषणा की है। यह पहल दिल्ली सरकार के पर्यटन प्रोत्साहन और सस्टेनेबल मोबिलिटी विजन का हिस्सा है, जिसके तहत राजधानी के प्रमुख राष्ट्रीय स्मारकों का गाइडेड पैनोरमिक टूर कराया जाएगा।

यह प्रीमियम हेरिटेज टूर सर्विस पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों पर आधारित होगी। यानी शून्य उत्सर्जन, कम शोर और पर्यावरण के अनुकूल संचालन। प्रत्येक बस में लगभग 63 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। ऊपरी खुले डेक से पर्यटक सेंट्रल विस्टा और आसपास के प्रतिष्ठित स्थलों का शानदार नजारा ले सकेंगे।

टूर का सर्किट लोकतंत्र के केंद्र कहे जाने वाले इलाके को कवर करेगा। बसें प्रधानमंत्री संग्रहालय से आगे बढ़ते हुए कर्तव्य पथ, नेशनल वॉर मेमोरियल, भारत मंडपम, नया संसद भवन, दिल्ली हाट और इंडिया गेट सहित सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थलों से होकर गुजरेंगी। गाइडेड कमेंट्री के साथ यह यात्रा पर्यटकों को इतिहास, वास्तुकला और लोकतांत्रिक विरासत की रोचक जानकारी भी देगी।

टिकट दरें तय कर दी गई हैं। वयस्कों के लिए किराया 500 रुपये और 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए 300 रुपये रखा गया है। टिकट में गाइडेड टूर शामिल रहेगा। बुकिंग ऐप और निर्धारित काउंटरों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। सुबह और शाम दोनों समय टूर संचालित होंगे, जबकि शाम का टूर लगभग 6 बजे से शुरू होगा। फिलहाल यह सेवा फिक्स्ड सर्किट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में हॉप-ऑन-हॉप-ऑफ मॉडल पर भी विचार किया जा सकता है।

दिल्ली में डबल डेकर बसों का इतिहास 1960-70 के दशक से जुड़ा है, जब दिल्ली परिवहन निगम की ‘सुविधा’ सेवा के तहत लाल-हरे रंग की डबल डेकर बसें चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और आईटीओ जैसे इलाकों में चला करती थीं। हालांकि 1980 के दशक के अंत में बढ़ती रखरखाव लागत, सुरक्षा चिंताओं और संकरी सड़कों के कारण इन्हें बंद कर दिया गया था।

अब लगभग 40 साल बाद ये बसें नए और आधुनिक रूप में लौटी हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब ये रोजमर्रा के सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा नहीं, बल्कि एक प्रीमियम हेरिटेज टूरिस्ट अनुभव के रूप में पेश की जा रही हैं।

सरकार का कहना है कि यह पहल दिल्ली को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगी। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के जरिए कार्बन फुटप्रिंट कम करने और विरासत स्थलों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।

डबल डेकर बसों की यह वापसी दिल्लीवासियों के लिए पुरानी यादों का सफर है और पर्यटकों के लिए राजधानी को नए नजरिए से देखने का सुनहरा अवसर। अब दिल्ली फिर से ऊंचाई से दिखेगी—इतिहास, लोकतंत्र और आधुनिकता के संग।

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