Delhi Crime: दिल्ली में हैवानियत की हदें पार, पानी मांगने पर डिलीवरी बॉयज ने कारोबारी को पीट-पीटकर मार डाला
Delhi Crime: दिल्ली में हैवानियत की हदें पार, पानी मांगने पर डिलीवरी बॉयज ने कारोबारी को पीट-पीटकर मार डाला
दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली दरिंदगी ने एक परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया। राजीव चौक इलाके में महज पानी मांगना 36 वर्षीय कारोबारी शिवम गुप्ता को अपनी जान से हाथ धोने की कीमत चुकानी पड़ी। तीन डिलीवरी बॉयज ने मिलकर शिवम पर इस कदर हमला किया कि वह 17 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे और आखिरकार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी शिवम गुप्ता 2 जनवरी को अपने एक दोस्त के साथ कनॉट प्लेस में पार्टी करने गए थे। पार्टी खत्म होने के बाद जब वह रेस्टोरेंट से बाहर निकले तो राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास ई ब्लॉक के नजदीक एक फूड डिलीवरी कंपनी के प्रतिनिधि से उन्होंने सिर्फ पानी मांगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया।
परिजनों के मुताबिक, विवाद के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि ने शिवम के सिर पर हेलमेट से हमला किया, जबकि उसके दो अन्य साथी भी मौके पर पहुंच गए और तीनों ने मिलकर शिवम को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। शिवम को घूंसे मारे गए, लातों से कुचला गया और सिर पर लगातार वार किए गए, जिससे वह मौके पर ही अधमरे हो गए। आरोपियों ने उन्हें सड़क पर ही बेसहारा हालत में छोड़ दिया।
3 जनवरी की रात करीब डेढ़ बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि राजीव चौक इलाके में एक व्यक्ति घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा है और उसके शरीर से खून बह रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिवम को तुरंत एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने जांच में बताया कि शिवम के शरीर और दिमाग में कई जगह खून के थक्के जम चुके थे और वह बयान देने की स्थिति में नहीं थे।
करीब 17 दिनों तक शिवम अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ते रहे, लेकिन 19 जनवरी को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शिवम की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पिता का कहना है कि उनका बेटा बिल्कुल स्वस्थ था और सिर्फ एक छोटी सी बात पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। परिवार अब पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।