Chittorgarh Suicide Attempt: स्विट्जरलैंड में कस्टडी विवाद का गहरा दर्द: बिजनेसमैन की धमकियों और झूठे मुकदमों से पीड़ित युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में उदयपुर रेफर

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Chittorgarh Suicide Attempt: स्विट्जरलैंड में कस्टडी विवाद का गहरा दर्द: बिजनेसमैन की धमकियों और झूठे मुकदमों से पीड़ित युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास, गंभीर हालत में उदयपुर रेफर
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय विष्णु मेनारिया ने घरेलू तनाव, विदेश से जुड़े कानूनी विवादों और लगातार बढ़ते कथित झूठे मुकदमों से परेशान होकर जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया. घटना बुधवार देर रात मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में हुई. परिजनों के अनुसार घटना के समय विष्णु घर में अकेला था. कुछ देर बाद उसके छोटे भाई के पहुंचते ही पाया गया कि वह गंभीर हालत में तड़प रहा है. जिसके बाद परिवारजन उसे तुरंत चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार विष्णु की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. विष्णु द्वारा अस्पताल ले जाने से पहले लिखा गया सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उसने अपने ऊपर गुज़रे मानसिक दबाव और अत्याचार का दर्द बयां किया है. उसने लिखा कि वह पिछले लंबे समय से झूठे केसों की वजह से मानसिक रूप से टूट चुका है और बदनामी व उत्पीड़न ने उसे जिंदा लाश बना दिया है. सुसाइड नोट के अनुसार विष्णु के पिता मुकेश मेनारिया पिछले 7 सालों से स्विट्जरलैंड में एक एनआरआई बिजनेसमैन के घर कुक के रूप में काम करते थे,

लेकिन आरोप है कि बिजनेसमैन ने उन्हें भारत वापस नहीं आने दिया और अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा. परिवार का दावा है कि सरकारी हस्तक्षेप और शिकायतों के बाद नवंबर 2024 में बड़ी मुश्किल से मुकेश को स्वदेश लाया गया. हालांकि तीन महीनों बाद स्विट्जरलैंड सरकार की ओर से फिर से उन्हें वहां पेश होने के लिए बुलाया गया, जिसके बाद परिवार ने बिजनेसमैन के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज करवाया. विष्णु का कहना है कि इसी केस का बदला लेने के लिए बिजनेसमैन लगातार झूठे मुकदमे करा रहा है. सुसाइड नोट में विष्णु ने कहा कि चेक बाउंस, रेप केस, प्रॉपर्टी धोखाधड़ी समेत कई फर्जी मुकदमों में फंसाया गया और हर दूसरे दिन कोर्ट में पेशी के लिए दिल्ली जाना पड़ता है. पुलिस और धमकियों का डर रोजाना जीवन का हिस्सा बन चुका है.

उसने लिखा कि वह निर्दोष है लेकिन बदनामी और मानसिक पीड़ा ने उसके जीने की उम्मीद खत्म कर दी है. विष्णु ने लिखा: “जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा. मैंने कोई गुनाह नहीं किया. मेरे पापा को बंदी बनाकर रखा गया, मैंने इंटरपोल की मदद से उन्हें बचाया. लेकिन आज झूठे केसों ने मेरी जिंदगी छीन ली. अब और नहीं सह सकता. मुझे माफ करना, यह दुनिया छोड़ रहा हूं.” फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और मामले में शामिल सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और आरोपी बिजनेसमैन पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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