Basti Crime: 300 से अधिक लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर अंतरंग वीडियो से ब्लैकमेल, बस्ती से विदेशों तक फैला संगठित अपराध का आरोप
Basti Crime: 300 से अधिक लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर अंतरंग वीडियो से ब्लैकमेल, बस्ती से विदेशों तक फैला संगठित अपराध का आरोप
बस्ती। प्यार, भरोसा और शादी के वादों की आड़ में रची गई एक सुनियोजित साजिश ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। बस्ती जिले से सामने आए इस सनसनीखेज मामले में आरोप है कि एक शातिर युवक और उसके गिरोह ने 300 से अधिक युवतियों को प्रेमजाल में फंसाया, उनके निजी और अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और फिर उन्हीं वीडियो को हथियार बनाकर ब्लैकमेल किया। जांच में यह भी आरोप सामने आए हैं कि कई पीड़िताओं को धमकी और दबाव के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों तक देह व्यापार के लिए भेजा गया। मामला उजागर होते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है, जबकि नेटवर्क के दायरे और पीड़िताओं की वास्तविक संख्या जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मामले की शुरुआत बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र की एक युवती की शिकायत से हुई, जो शहर के एक निजी अस्पताल में काम करती थी। पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस नामक युवक से हुई। युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे नजदीकियां बढ़ाईं, सहानुभूति दिखाई और बेहतर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। विश्वास जीतने के लिए वह हाथ में कलावा भी पहनता था, ताकि किसी तरह का संदेह न हो। धीरे-धीरे बातचीत गहरी होती गई और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
पीड़िता का आरोप है कि भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जब युवती शादी की बात लेकर आरोपी के घर पहुंची तो हालात और भयावह हो गए। आरोप है कि वहां आरोपी, उसके भाई और अन्य सहयोगियों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। पीड़िता का कहना है कि उसे मानसिक रूप से इस कदर तोड़ा गया कि वह मजबूरी में बार-बार आरोपी के संपर्क में रहने को विवश हो गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसका गिरोह लड़कियों के निजी पलों के वीडियो और फोटो बना लेता था। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए पीड़िताओं को ब्लैकमेल किया जाता था। वीडियो वायरल करने, परिवार की बदनामी और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियों से लड़कियों को डराया जाता, ताकि वे विरोध न कर सकें। पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया है कि इसी तरीके से करीब 300 से अधिक लड़कियों को निशाना बनाया गया और कई को अलग-अलग राज्यों के साथ नेपाल जैसे देशों तक भेजा गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे अपराध में आरोपी के परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे और उन्होंने भी युवतियों को दबाव में डालने में भूमिका निभाई। पुलिस का मानना है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी कड़ियां बस्ती से बाहर तक फैली हुई हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल्स और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान और नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।