Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, भीड़ ने अवामी लीग का दफ्तर फूंका, ढाका में भारी बवाल
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, भीड़ ने अवामी लीग का दफ्तर फूंका, ढाका में भारी बवाल
नई दिल्ली। बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और अराजकता की चपेट में आ गया है। राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में देर रात हालात बेकाबू हो गए, जहां उग्र भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की और कई इमारतों व वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा ने बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था को गंभीर चुनौती दे दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आगामी चुनावों से पहले देश में अस्थिरता और गहराती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने ढाका के शाहबाग चौराहे को जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार हादी की सुरक्षा करने में नाकाम रही। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और भीड़ ने कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
हिंसा के दौरान मीडिया संस्थान भी भीड़ के निशाने पर रहे। करवान बाजार स्थित ‘प्रोथोम आलो’ के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की गई और वहां आग लगा दी गई। इसी तरह ‘द डेली स्टार’ की इमारत में भी आगजनी की गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ पत्रकारों पर हमले किए गए और उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश तक की गई, जिससे मीडिया जगत में दहशत का माहौल बन गया।
राजधानी ढाका के अलावा अन्य इलाकों में भी हिंसा फैली। राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया। कई सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। सड़कों पर जली गाड़ियों और धुएं के गुबार ने पूरे इलाके को युद्ध जैसे हालात में बदल दिया।
बताया जा रहा है कि शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता के खिलाफ हुए आंदोलन में एक प्रमुख चेहरा थे। 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर हालत में पहले ढाका में इलाज के बाद उन्हें 15 दिसंबर को एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सामने आते ही समर्थकों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।
बढ़ती हिंसा को देखते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सरकार हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार हो रही आगजनी और हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में राजनीतिक तनाव के साथ-साथ सामाजिक अस्थिरता भी गहराती जा रही है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया में हालात पर नजर रखी जा रही है।