Atal Canteen Launch: दिल्ली में 25 अटल कैंटीनों का शुभारंभ, कृष्णा नगर को मिली नई सौगात

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Atal Canteen Launch: दिल्ली में 25 अटल कैंटीनों का शुभारंभ, कृष्णा नगर को मिली नई सौगात

नई दिल्ली। राजधानी में जनकल्याण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 25 अटल कैंटीनों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में नई अटल कैंटीन की शुरुआत की गई, जिसे स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena, केंद्रीय मंत्री Harsh Malhotra, दिल्ली सरकार के मंत्री Ashish Sood और विधायक Anil Goel सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने फीता काटकर कैंटीन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर, भोजन वितरण काउंटर और बैठने की व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार का संकल्प है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और हर जरूरतमंद तक सम्मानजनक तरीके से भोजन पहुंचे।

उपराज्यपाल ने इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह योजना गरीबों, श्रमिकों व जरूरतमंदों के लिए राहतकारी साबित होगी।

मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सभी 25 कैंटीनों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। डिजिटल भुगतान की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, जिससे लोगों को सुविधा मिले। कृष्णा नगर में नई कैंटीन खुलने से स्थानीय निवासियों में उत्साह देखा गया। विधायक डॉ. अनिल गोयल ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण होगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्वयं भोजन का स्वाद चखा और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशील और समावेशी शासन का प्रतीक है।

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