AI Impact Summit Row: IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, पुलिस ने बताया मास्टरमाइंड; कांग्रेस ने कहा- असंवैधानिक कार्रवाई

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AI Impact Summit Row: IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, पुलिस ने बताया मास्टरमाइंड; कांग्रेस ने कहा- असंवैधानिक कार्रवाई

दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए हंगामे के मामले में Indian Youth Congress के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, 23 फरवरी को चिब को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। करीब 20 घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 7 दिन की रिमांड की मांग की है। फिलहाल अदालत ने रिमांड पर आदेश सुरक्षित रख लिया है और दोपहर में फैसला सुनाए जाने की संभावना जताई गई है।

पुलिस का आरोप है कि AI समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के पीछे उदय भानु चिब ही मास्टरमाइंड थे। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी उनके निर्देश पर भारत मंडपम परिसर में दाखिल हुए थे। यह भी आरोप है कि लॉजिस्टिक सहायता की व्यवस्था भी चिब की ओर से की गई थी। अब इस पूरे मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, जो घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल करेगी।

दरअसल, 20 फरवरी को AI समिट के दौरान 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में प्रवेश कर शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहराई थी और “PM मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड” के नारे लगाए थे। उस समय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन की प्रकृति को लेकर सवाल उठे थे।

वहीं, Indian National Congress ने इस गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘तानाशाही प्रवृत्ति’ का परिणाम है। पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी बयान जारी कर कहा कि उन्हें अपने उन साथियों पर गर्व है जिन्होंने सरकार के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाई।

इसी बीच, IYC के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी नहीं कहा जा सकता। उनका तर्क है कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा इस विरोध को ‘एंटी-इंडिया’ बताकर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही हैं।

ओझा ने यह भी दावा किया कि AI समिट के विरोध के दौरान कई राज्यों में पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, सरकार हर असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन गंभीर मामला है और किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा में सेंध को हल्के में नहीं लिया जा सकता। फिलहाल अदालत के आदेश और आगे की जांच के आधार पर इस मामले में अगली कार्रवाई तय होगी।

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