Sagar Bina Crime: पति से संबंधों के शक में मां-बेटी को आग लगाने का आरोप, दोनों की मौत, आरोपी महिला गिरफ्तार
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र में मां-बेटी को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने के मामले में दोनों की मौत हो गई है। गोदना गांव में हुई इस घटना में गंभीर रूप से झुलसी गिरजाबाई ने पहले उपचार के दौरान दम तोड़ा था। इसके बाद उनकी नाबालिग बेटी आयुषी की भी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मामले में काजल गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला को अपने पति और गिरजाबाई के बीच संबंध होने का संदेह था। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिए जाने का आरोप है।
घटना दो नवंबर की शाम की बताई गई है। उस समय गिरजाबाई और उनकी बेटी आयुषी घर के अंदर मौजूद थीं। आरोप है कि काजल ज्वलनशील पदार्थ लेकर वहां पहुंची और मां-बेटी पर डालकर आग लगा दी। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मदद के लिए पहुंचे। आग बुझाने के बाद दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
शुरुआती उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण मां-बेटी को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया। गिरजाबाई को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि आयुषी को बेहतर उपचार के लिए भोपाल भेजा गया। गिरजाबाई की मौत के बाद भी परिवार को बेटी के स्वस्थ होने की उम्मीद थी, लेकिन गंभीर रूप से झुलसी आयुषी की भी उपचार के दौरान जान चली गई। मां-बेटी की मौत से परिवार और गांव में शोक है।
पुलिस की जांच में घटना के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद सामने आया है। आरोपी काजल रिश्ते में गिरजाबाई की देवरानी बताई गई है। पुलिस के अनुसार, काजल को अपने पति आकाश ठाकुर और गिरजाबाई के बीच प्रेम संबंध होने का संदेह था। इसी बात को लेकर परिवार में अनबन रहती थी। कथित संबंधों की बात आरोपी के संदेह और पुलिस को दी गई जानकारी पर आधारित है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया कि अगस्त में गिरजाबाई को आग लगाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उस समय घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। पुलिस इस पुराने घटनाक्रम की जानकारी भी जुटा रही है, ताकि दोनों परिवारों के बीच चले आ रहे विवाद और मौजूदा वारदात की परिस्थितियों को समझा जा सके।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला घर के पीछे की ओर से अंदर पहुंची थी। जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई और घटनास्थल के आसपास मिले निशानों की पड़ताल की गई। पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी ने कपड़े बदल दिए थे और घटना के समय पहने कपड़े बाद में दूसरी जगह फेंक दिए थे। इन तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है।
मामले में घायल मां-बेटी के बयान महत्वपूर्ण रहे हैं। पुलिस ने उपचार के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने दोनों के बयान दर्ज कराए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपने बयानों में काजल पर आग लगाने का आरोप लगाया था। गिरजाबाई के पति रामराज ने भी आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ज्वलनशील पदार्थ रखने वाला स्टील का पात्र, उसका ढक्कन, कपड़े, जूते और माचिस बरामद करने की जानकारी दी है। घटनास्थल से अधजले कपड़े और मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री भी जुटाई गई। तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम और आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
बीना थाना पुलिस ने काजल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मां-बेटी की मौत के बाद मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पीड़ितों के बयानों, बरामद सामग्री और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में होगा।





0 टिप्पणियाँ