दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शनिवार, 31 अक्टूबर को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दीपके ने CJP के प्रति समर्थन जताने के लिए ममता बनर्जी का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर रामलीला मैदान में बड़ी रैली की तैयारी कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी से मुलाकात के दौरान उन्होंने CJP को समर्थन देने के लिए उनका धन्यवाद किया। दीपके ने विशेष रूप से पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के दौरान ममता बनर्जी की ओर से मिले समर्थन का उल्लेख किया। उन्होंने इस मुलाकात को INDIA गठबंधन की आगामी रैली के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि चुनावी धांधली के खिलाफ होने वाले विपक्ष के प्रदर्शन के प्रति CJP ने अपनी एकजुटता जाहिर की है।
दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी से CJP के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थन को भी याद किया। उन्होंने एक नवंबर को होने वाले INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दोहराया। दीपके ने अपनी पोस्ट में ‘ज्ञानू को जाना होगा’ का नारा भी लिखा।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की गई। पार्टी ने बताया कि अभिजीत दीपके ने दिल्ली में ममता बनर्जी से शिष्टाचार मुलाकात की। पार्टी की पोस्ट में कहा गया कि दोनों के बीच भारत के भविष्य, साझा आकांक्षाओं और आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने इस बातचीत को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण मुलाकात के रूप में प्रस्तुत किया।
इस बैठक का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि CJP पिछले कुछ समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान चला रही है। पार्टी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाती रही है। CJP का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इसी मुद्दे पर संगठन ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों पर अलग-अलग पक्ष रखे गए हैं। ऐसे में यह मुद्दा विपक्षी राजनीति में भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
अभिजीत दीपके की पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी भी इस पूरे घटनाक्रम का हिस्सा रही है। CJP ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए थे और इसे अपने आंदोलन से जोड़कर देखा था। दीपके ने ममता बनर्जी से मुलाकात के दौरान इसी घटनाक्रम में मिले समर्थन का विशेष तौर पर जिक्र किया। ममता बनर्जी पहले भी CJP के आंदोलन के समर्थन में बयान दे चुकी हैं। अब दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद दोनों पक्षों ने एक बार फिर सार्वजनिक रूप से अपने संवाद और समर्थन को सामने रखा है।
वहीं, INDIA गठबंधन की ओर से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जा रही है। इस प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित चुनावी अनियमितताओं का विरोध है। विपक्षी दलों ने अपने समर्थकों और आम लोगों से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की है। गठबंधन के नेता इस कार्यक्रम के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को सार्वजनिक मंच पर उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
CJP ने भी इस रैली को समर्थन देने का ऐलान किया है। अभिजीत दीपके की ममता बनर्जी से मुलाकात को इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के दौरान किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते या संयुक्त कार्यक्रम की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, बातचीत में CJP के आंदोलन को समर्थन और INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के प्रति एकजुटता प्रमुख विषय रहे।





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