Guwahati Hotel Firing: होटल की लीज को लेकर हुआ विवाद, पांच लोगों की गोली मारकर हत्या; आरोपी गिरफ्तार
असम के गुवाहाटी शहर में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली सामूहिक हत्याकांड की वारदात सामने आई, जहां होटल की लीज और संपत्ति विवाद को लेकर हुई अंधाधुंध गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह खूनी संघर्ष गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित ‘होटल बिलास इन’ के समीप घटित हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज एक घंटे के भीतर होटल के लीजधारक मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से कत्ल में इस्तेमाल की गई .32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद कर ली।
गुवाहाटी पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे बोरा सर्विस क्षेत्र में होटल बिलास इन के पास विवाद अचानक हिंसक हो गया। आरोपी घनकांत गोगोई ने होटल मालिक पक्ष के लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलीबारी में कुल छह लोग लहूलुहान होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक घायल व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है।
प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, मृतकों में होटल की 58 वर्षीय मालकिन हेलेना भराली, उनके 39 वर्षीय बेटे देबर्षि कश्यप, बहू 30 वर्षीय रिनिका कश्यप, हेलेना के भाई 65 वर्षीय भूदेव भराली और उनके पारिवारिक सहयोगी 48 वर्षीय नारायण दास शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि पांच मृतकों में से चार सदस्य एक ही परिवार के थे, जबकि पांचवां मृतक और घायल व्यक्ति उनके पैतृक गांव के निवासी थे। इस भीषण हत्याकांड से पूरे गुवाहाटी महानगर में सनसनी और दहशत का माहौल फैल गया है।
जांच में सामने आया कि होटल की मालकिन हेलेना भराली और आरोपी घनकांत गोगोई के बीच सितंबर 2025 में होटल बिलास इन को लेकर पांच साल का लीज एग्रीमेंट हुआ था, जिसके तहत करीब 1.8 लाख रुपये मासिक किराया तय किया गया था। होटल के नवीनीकरण और आंतरिक ढांचे में बदलाव के बाद दोनों पक्षों के बीच परिसर के उपयोग, बिजली-पानी के बिलों और सुविधाओं को लेकर लगातार तनातनी चल रही थी। सोमवार, 26 अक्टूबर की रात इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच एक औपचारिक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बातचीत शुरू होने से पहले ही कहासुनी गाली-गलौज में बदल गई और आरोपी ने आपा खोकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से गोलियों के खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत थी अथवा आरोपी पहले से ही हथियार लोड करके हत्या के इरादे से आया था। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कानून के तहत फास्ट-ट्रैक जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।





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