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Munger ASI Murder Case: एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में 8 दोषियों को उम्रकैद, तीन महिलाएं भी शामिल

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Munger ASI Murder Case: एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में 8 दोषियों को उम्रकैद, तीन महिलाएं भी शामिल

मुंगेर। बिहार के मुंगेर में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चर्चित एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मुंगेर व्यवहार न्यायालय ने मामले में दोषी करार दिए गए आठ लोगों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद सभी आठ दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत का फैसला आने के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

यह मामला मार्च 2025 में होली के दिन हुई उस घटना से जुड़ा है, जिसमें ड्यूटी के दौरान विवाद शांत कराने पहुंचे एएसआई संतोष कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई थी।

घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में हुई थी। होली के दिन स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार का कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था। इसकी सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। एएसआई संतोष कुमार सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर उस समय मामले को शांत कराया।

इसके बाद पुलिस टीम वहां से चली गई, लेकिन उसी दिन शाम को गांव में दोबारा विवाद शुरू हो गया। शाम करीब साढ़े सात बजे एएसआई संतोष कुमार सिंह गश्त करते हुए फिर नंदलालपुर गांव पहुंचे। वहां विवाद की स्थिति देखकर उन्होंने एक बार फिर बीच-बचाव करने और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

इसी दौरान मामले को समझने और विवाद शांत कराने के उद्देश्य से एएसआई संतोष कुमार सिंह रणवीर के घर पहुंचे। आरोप के मुताबिक वहां मौजूद लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में लाठी, रॉड और दाब जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया। अचानक हुए हमले में संतोष कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

एएसआई पर हुए हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना रेफर कर दिया।

इसके बाद संतोष कुमार सिंह को पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ। हालांकि हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारी की हत्या की घटना के बाद मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया था।

घटना के समय मौके पर मौजूद सिपाही दीपक कुमार के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और इसके बाद न्यायालय में मामला पहुंचा।

पुलिस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान हत्या से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पीडी ट्रायल कराया गया। करीब डेढ़ साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 12 गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष रखा।

अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने मामले की पैरवी की। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुना गया। उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आठों आरोपियों को दोषी करार दिया।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 117(2), 118(2) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत सभी आठ अभियुक्तों को दोषी पाया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई की गई और अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।

आजीवन कठोर कारावास की सजा पाने वालों में रणवीर कुमार, रंजीत कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार और विकास कुमार शामिल हैं। इनके अलावा रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को भी अदालत ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस तरह मामले में कुल आठ दोषियों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।

अदालत ने सभी आठ दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में संबंधित दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

होली के दिन शुरू हुए स्थानीय विवाद को शांत कराने पहुंचे एएसआई संतोष कुमार सिंह पर हमला और बाद में उनकी मौत ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी के दौरान विवाद में हस्तक्षेप करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हीं पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के करीब डेढ़ साल बाद स्पीडी ट्रायल पूरा होने पर अब अदालत ने आठों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

 

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