Gujarat Chemical Factory Blast: गांधीनगर की केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, 4 मजदूरों की मौत; झारखंड के 3 और राजस्थान का 1 श्रमिक शामिल
गुजरात के गांधीनगर जिले में गुरुवार को एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा कलोल तालुका के छत्राल जीआईडीसी फेज-4 स्थित ‘कोविका डाइज एंड इंटरमीडिएट्स’ फैक्ट्री में हुआ। मृतकों में झारखंड के तीन और राजस्थान के एक मजदूर के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ। उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी गर्म केमिकल को एक प्रेशर वेसल में पंप करने और उससे जुड़े पाइप की फिटिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना गंभीर था कि वहां काम कर रहे चार मजदूरों की जान चली गई। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी फैल गई और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
शुरुआती जांच में विस्फोट के कारण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। कलोल तालुका पुलिस के इंस्पेक्टर जे. जे. गढ़वी के मुताबिक, प्राथमिक जांच में मुख्य प्रेशर वेसल और बॉयलर सुरक्षित पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि गर्म केमिकल वाले प्रेशर वेसल को जोड़ने वाले पाइप में विस्फोट हुआ, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, धमाके की वास्तविक वजह और तकनीकी खामी का पता लगाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल की जांच कर रहे हैं।
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान विनोद कुमार, टेडा कालू देहारी, सिकंदर सखान देहारी और लक्ष्मण भील के रूप में बताई गई है। विनोद कुमार की उम्र 42 वर्ष थी और वह झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले थे। टेडा कालू देहारी 25 वर्ष के थे और झारखंड के दुमका जिले से थे। सिकंदर सखान देहारी भी दुमका के निवासी बताए गए हैं। चौथे मृतक लक्ष्मण भील राजस्थान के रहने वाले थे। चारों मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया और प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, विस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग लगने की भी जानकारी सामने आई, जिस पर दमकलकर्मियों ने काबू पा लिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम हादसे की विस्तृत जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट किसी तकनीकी खराबी, पाइप में अत्यधिक दबाव या सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी किसी समस्या के कारण हुआ। साथ ही फैक्ट्री में काम करने की प्रक्रिया और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा सकती है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की सटीक वजह स्पष्ट हो सकेगी।