Balochistan Conflict: BLA का दो हमलों में 25 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा, सेना ने कहा- कार्रवाई में 48 उग्रवादी ढेर

Balochistan Conflict: BLA का दो हमलों में 25 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा, सेना ने कहा- कार्रवाई में 48 उग्रवादी ढेर

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षाबलों और अलगाववादी उग्रवादियों के बीच हिंसा तेज हो गई है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दो अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना के कुल 25 जवानों को मारने का दावा किया है। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रांत के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और 48 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया। दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों के बीच बलूचिस्तान में तनाव और बढ़ गया है।

BLA के मुताबिक, उसकी विशेष इकाई ‘फतेह स्क्वाड’ ने जियारत क्रॉस इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले को निशाना बनाया। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 18 जवान मारे गए। BLA से जुड़े मीडिया माध्यम ‘हक्कल’ की ओर से हमले से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें क्षतिग्रस्त सैन्य वाहन दिखाई देने का दावा किया गया।

दूसरा हमला सुराब के हाजिका इलाके में किए जाने का दावा किया गया है। BLA के अनुसार, उसके ‘स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड’ ने रिमोट से नियंत्रित विस्फोट के जरिए पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि इस हमले में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। दोनों घटनाओं को मिलाकर BLA ने 25 सैनिकों की मौत का दावा किया है।

हालांकि, पाकिस्तानी सेना की ओर से इन हमलों में सैनिकों के हताहत होने की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में BLA की ओर से बताए गए आंकड़ों को संगठन के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।

हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बलूचिस्तान के कई हिस्सों में उग्रवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, मस्तुंग, सिबी, क्वेटा और कलात जिलों में संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाते हुए अभियान चलाए गए। सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी और सैन्य कार्रवाई की।

पाकिस्तानी सैन्य पक्ष के दावों के मुताबिक, इन अभियानों के दौरान करीब 48 उग्रवादी मारे गए। इनमें BLA के साथ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े लोगों के शामिल होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन अभियानों में मारे गए लोगों की पहचान और संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

बलूचिस्तान में हालिया हिंसा ने एक बार फिर पाकिस्तान के इस संसाधन संपन्न लेकिन लंबे समय से अशांत प्रांत की सुरक्षा स्थिति को चर्चा में ला दिया है। यहां कई बलूच अलगाववादी संगठन दशकों से पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान के खिलाफ सक्रिय रहे हैं। इन संगठनों की मांगों में अधिक राजनीतिक और आर्थिक स्वायत्तता से लेकर अलग बलूचिस्तान तक की मांग शामिल रही है।

BLA इस क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख अलगाववादी सशस्त्र संगठनों में से एक है। हाल के वर्षों में संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सैन्य काफिलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले कई हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसके चलते बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पाकिस्तान सरकार के सामने लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मौजूदा घटनाक्रम ने वर्ष 2024 में BLA द्वारा घोषित ‘ऑपरेशन हेरोफ’ की याद भी ताजा कर दी है। उस अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षाबलों और महत्वपूर्ण परिवहन ढांचे को निशाना बनाया गया था। कराची-क्वेटा मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हिंसक घटनाएं सामने आई थीं।

अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से सटा बलूचिस्तान पाकिस्तान का क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा प्रांत है और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। इसके बावजूद यहां राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संसाधनों के नियंत्रण और आर्थिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष रहा है। अलगाववादी संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि स्थानीय आबादी को प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों का पर्याप्त लाभ नहीं मिलता, जबकि पाकिस्तान सरकार अलगाववादी हिंसा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानती है।

BLA के ताजा हमलों के दावे और इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की व्यापक कार्रवाई ने एक बार फिर संकेत दिया है कि बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी संघर्ष फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में सैन्य अभियानों के और तेज होने की आशंका के बीच पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

 

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