Nalagarh IED Blast: नए साल पर पुलिस स्टेशन में धमाका, NIA का बड़ा क्रैकडाउन; 3 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 6 अरेस्ट

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Nalagarh IED Blast: नए साल पर पुलिस स्टेशन में धमाका, NIA का बड़ा क्रैकडाउन; 3 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 6 अरेस्ट

हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में नए साल के दिन हुए IED ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही नालागढ़ पुलिस स्टेशन ब्लास्ट केस में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है। NIA अब इस हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क, आरोपियों के आपसी संबंध और संभावित गैंगस्टर-टेरर कनेक्शन की जांच कर रही है।

यह घटना 1 जनवरी 2026 की सुबह हुई थी। नए साल के पहले ही दिन सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि IED पुलिस स्टेशन में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास लगाया गया था। पुलिस स्टेशन जैसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान को निशाना बनाए जाने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया था।

धमाके के बाद स्थानीय स्तर पर तुरंत जांच शुरू की गई और नालागढ़ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि विस्फोटक वहां तक कैसे पहुंचाया गया तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। मामले की गंभीरता और इसके संभावित व्यापक नेटवर्क को देखते हुए बाद में जांच NIA को सौंप दी गई।

8 मई 2026 को NIA ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए दोबारा केस दर्ज किया। जांच एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।

NIA ने अब इस मामले में पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर और राहों क्षेत्र से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान अरशदीप सिंह उर्फ अरश कंडोला, करणप्रताप और दिलजोत सैनी के रूप में हुई है। जांच के दौरान एजेंसी को तीनों के नालागढ़ IED ब्लास्ट मामले से कथित संबंधों के बारे में जानकारी मिली थी।

ये तीनों आरोपी पहले से ही एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में बंद थे। इनके खिलाफ पंजाब के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 11/2026 के तहत मामला दर्ज था। NIA की जांच आगे बढ़ने के दौरान नालागढ़ पुलिस स्टेशन ब्लास्ट से इनके कथित तार सामने आने के बाद एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन्हें इस मामले में भी गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले NIA ने नालागढ़ ब्लास्ट मामले में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी भी पहले पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), मोहाली की हिरासत में थे। जांच में नालागढ़ मामले से कथित संबंध सामने आने के बाद NIA ने इन्हें अपनी जांच के दायरे में लिया था।

तीन नई गिरफ्तारियों के बाद अब इस मामले में कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि IED तैयार करने, उसे नालागढ़ तक पहुंचाने, पुलिस स्टेशन के पास लगाने और विस्फोट की योजना को अंजाम देने में किस आरोपी की क्या भूमिका थी।

पुलिस स्टेशन को निशाना बनाए जाने के कारण इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों के संबंध किसी संगठित गैंगस्टर नेटवर्क, आतंकी मॉड्यूल या दूसरे आपराधिक समूहों से तो नहीं हैं।

इसके अलावा आरोपियों के बीच संपर्क के तरीकों की भी जांच की जा रही है। मोबाइल फोन रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए कथित साजिश की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना भी है कि विस्फोटक तैयार करने के लिए सामग्री कहां से आई और इसे उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही।

NIA संभावित फंडिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरी कथित साजिश के लिए पैसा कहां से आया, किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा और क्या इसके पीछे देश के भीतर या बाहर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क की भूमिका थी।

नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए धमाके की टाइमिंग भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नए साल की सुबह पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने के पीछे आरोपियों का उद्देश्य क्या था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी कथित साजिश के पीछे मौजूद मुख्य लोगों तक पहुंचने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।

मामले में तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद जांच समाप्त नहीं हुई है। एजेंसी की जांच इस बात पर केंद्रित है कि घटना की योजना किसने बनाई, इसे अंजाम देने के निर्देश कहां से आए और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।

फिलहाल NIA गिरफ्तार आरोपियों के कथित आपसी कनेक्शन, वित्तीय नेटवर्क, विस्फोटक की व्यवस्था और संभावित मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एजेंसी का उद्देश्य नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट की पूरी साजिश और इसमें शामिल नेटवर्क की सभी कड़ियों का पता लगाना है।

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