Fatehpur Student Death: रंजिश, हत्या या आत्महत्या में उलझी छात्र तेजस की मौत की गुत्थी, प्रधानाचार्य गिरफ्तार; हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
Fatehpur Student Death: रंजिश, हत्या या आत्महत्या में उलझी छात्र तेजस की मौत की गुत्थी, प्रधानाचार्य गिरफ्तार; हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
रिपोर्ट: आशीष कुमार
फतेहपुर। शहर के सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज शिवपुरम में कक्षा 12 के छात्र तेजस द्विवेदी की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। छात्र की मौत हत्या थी, आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे किसी पुरानी रंजिश की भूमिका है, पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में विद्यालय के प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं विद्यालय प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
तेजस की मौत के बाद विद्यालय में उसके साथ कथित मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने स्कूल के CCTV कैमरों का DVR कब्जे में लिया है। सूत्रों के मुताबिक फुटेज में तेजस और उसके एक सहपाठी के साथ डंडे से मारपीट किए जाने तथा तेजस को करीब एक घंटे 45 मिनट तक अलग बैठाए रखने से जुड़े दृश्य मिलने की बात कही जा रही है। इन दावों की पुलिस जांच कर रही है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय से निकलने के बाद तेजस मलवां थाना क्षेत्र के सौंरा तक कैसे पहुंचा और उसके शरीर पर गंभीर चोटें कैसे आईं। विद्यालय से बाहर निकलने और रास्ते में लगे कई CCTV कैमरों में छात्र के साइकिल से जाते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस स्कूल से निकलने के बाद के उसके पूरे रास्ते और घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
तेजस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई जानकारियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट में उसके शरीर पर गंभीर चोटें, ब्लड क्लॉटिंग और पसली में फ्रैक्चर होने की बात सामने आने का दावा किया गया है। अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि ये चोटें कब, कहां और किन परिस्थितियों में लगीं।
पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि स्कूल में कथित शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के बाद छात्र ने तनाव में कोई आत्मघाती कदम तो नहीं उठाया। इसके साथ ही यह संभावना भी जांच के दायरे में है कि विद्यालय से निकलने के बाद रास्ते में उसके साथ कोई दूसरी घटना हुई हो।
तेजस सिविल लाइन क्षेत्र का रहने वाला और सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज शिवपुरम में कक्षा 12 का छात्र था। उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम है, जबकि घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के भी पीड़ित परिवार तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
परिजनों की ओर से विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मां की तहरीर के आधार पर दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विद्यालय के प्रबंधक राकेश त्रिवेदी की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन बारावफात का अवकाश होने के बावजूद विद्यालय खोला गया था। स्कूल में परीक्षा आयोजित की जा रही थी और इसी दौरान तेजस के पास कथित तौर पर नकल की पर्ची मिलने की बात सामने आई। इसके बाद उसे दंडित करने, परीक्षा से निष्कासित करने और जुर्माना लगाए जाने से संबंधित आरोप सामने आए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में स्कूल के CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस ने DVR अपने कब्जे में लेकर फुटेज की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक फुटेज में तेजस के साथ एक अन्य छात्र को डंडे से पीटे जाने की तस्वीरें दिखाई देने का दावा है। साथ ही तेजस को काफी देर तक अन्य छात्रों से अलग बैठाए रखने की बात भी सामने आई है।
यदि जांच में ये तथ्य प्रमाणित होते हैं तो पुलिस यह पता लगाएगी कि स्कूल में हुई कथित मारपीट से तेजस को कितनी चोटें आई थीं और क्या इनका उसकी बाद की स्थिति या मौत से कोई सीधा संबंध था। पोस्टमार्टम में सामने आई गंभीर चोटों और स्कूल में हुई कथित मारपीट के बीच संबंध स्थापित करना जांच का अहम हिस्सा होगा।
दूसरी ओर विद्यालय से निकलने के बाद रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बताया जा रहा है कि तेजस स्कूल से साइकिल पर अकेला निकलते हुए दिखाई दिया और रास्ते के अन्य कैमरों में भी उसके साइकिल से जाने के दृश्य मिले हैं।
यही कारण है कि जांच का एक प्रमुख सवाल सौंरा में उसके अचेत अवस्था में मिलने से जुड़ा हुआ है। यदि वह स्कूल से साइकिल पर निकला था तो वह वहां तक किन रास्तों से पहुंचा, बीच में किससे मिला और उसके साथ क्या हुआ, पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
पोस्टमार्टम में शरीर पर गंभीर चोटें, ब्लड क्लॉटिंग और पसली में फ्रैक्चर की जानकारी ने कई संभावनाओं को जन्म दिया है। पुलिस को यह निर्धारित करना है कि चोटें कथित मारपीट के कारण आईं, किसी दुर्घटना या ऊंचाई से गिरने के कारण लगीं अथवा विद्यालय से निकलने के बाद उसके साथ कोई अन्य घटना हुई।
पुलिस आत्महत्या की संभावना को भी जांच से बाहर नहीं कर रही है। यदि स्कूल में छात्र के साथ मारपीट या अपमानजनक व्यवहार हुआ था तो यह पता लगाया जाएगा कि क्या उससे वह गंभीर मानसिक तनाव में था और क्या इसी तनाव में उसने कोई आत्मघाती कदम उठाया।
इसके साथ ही मामले में पुरानी रंजिश का एक अलग पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक तेजस का पैतृक गांव थरियांव थाना क्षेत्र का मुरांव है। उसके पिता के खिलाफ गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या का मामला रहा था और इसमें उन्हें कारावास की सजा काटनी पड़ी थी।
इसी पुराने घटनाक्रम को देखते हुए यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि कहीं किसी पुरानी रंजिश का संबंध तेजस की मौत से तो नहीं है। हालांकि अभी ऐसा कोई प्रमाणित तथ्य सामने नहीं आया है जो उसकी मौत को सीधे इस पुराने विवाद से जोड़ता हो। पुलिस के लिए यह फिलहाल जांच का एक संभावित पहलू है।
पुलिस वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित तरीके से मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। स्कूल के CCTV फुटेज के अलावा विद्यालय से निकलने के बाद छात्र के रास्ते में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान जांच में महत्वपूर्ण होंगे।
तेजस की व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े पहलुओं को भी जांच में देखा जा सकता है, लेकिन फिलहाल किसी प्रेम संबंध को उसकी मौत से जोड़ने वाला कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं आया है। परिजनों और आसपास के लोगों की ओर से उसके व्यवहार को लेकर दी गई जानकारी को भी पुलिस जांच में शामिल कर सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाए जाने की संभावना है। छात्र की मौत के मामले में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि इसे लेकर आधिकारिक आदेश सामने आने का इंतजार है।
विद्यालय में अनुशासन के नाम पर छात्रों को दिए जाने वाले कथित कठोर दंड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच में यदि छात्र के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप साबित होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
फिलहाल प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच विद्यालय प्रबंधन और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की तरफ भी बढ़ रही है। प्रबंधक राकेश त्रिवेदी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की भी जांच की जा रही है। किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
इसके अलावा विद्यालय के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अवकाश के दिन विद्यालय खोलने, परीक्षा आयोजित करने, छात्र को कथित रूप से शारीरिक दंड देने और पूरे घटनाक्रम में स्कूल प्रशासन की भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सकती है।
तेजस की मौत का वास्तविक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। स्कूल में कथित मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप जरूर सामने आए हैं, लेकिन छात्र के विद्यालय से साइकिल पर निकलने और बाद में सौंरा में अचेत मिलने के बीच का घटनाक्रम अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है। यही समय अंतराल इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण अनसुलझी कड़ी बना हुआ है।
अब पुलिस के सामने स्कूल के CCTV फुटेज, रास्ते के कैमरों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को आपस में जोड़कर यह निर्धारित करने की चुनौती है कि तेजस की मौत किन परिस्थितियों में हुई। हत्या, आत्महत्या, दुर्घटना और पुरानी रंजिश सहित सामने आए सभी संभावित पहलुओं की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।