Mumbai Crane Accident: कुर्ला में JCB शिफ्टिंग के दौरान घर पर गिरी क्रेन, कई लोग घायल; रेलवे ट्रैक तक पहुंचा मलबा
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कुरैशी नगर इलाके में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान क्रेन की मदद से JCB मशीन को शिफ्ट किया जा रहा था, तभी अचानक क्रेन और JCB अनियंत्रित होकर गिर गईं। हादसे के दौरान क्रेन का हिस्सा एक घर पर भी जा गिरा। घटना में कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि हादसा 21 अगस्त को देर रात करीब 2 बजकर 40 मिनट पर हुआ। इलाके में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) से संबंधित निर्माण कार्य चल रहा था। इसी काम के दौरान एक भारी JCB मशीन को क्रेन के जरिए दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, भारी मशीन को उठाने के दौरान क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद क्रेन और उसके जरिए उठाई जा रही JCB नीचे गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। क्रेन का एक हिस्सा नजदीक स्थित मकान पर भी गिरने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे में करीब 8 से 10 लोग घायल हुए हैं। हालांकि सेंट्रल रेलवे ने दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। घायलों की वास्तविक संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस और संबंधित एजेंसियों को हादसे की सूचना दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को उपचार उपलब्ध कराया गया और घटनास्थल को सुरक्षित करने की कार्रवाई की गई।
सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, MMRDA की ओर से पास के कार्यस्थल पर इस्तेमाल की जा रही क्रेन कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच स्थित रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन पर भी गिर गई। इसके कारण रेलवे की संरचना को लेकर भी सुरक्षा संबंधी स्थिति पैदा हो गई।
हालांकि जिस रेलवे लाइन पर क्रेन गिरी, उसका इस्तेमाल मुख्य रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए किया जाता है। इस वजह से मुंबई की नियमित उपनगरीय ट्रेन सेवाओं पर हादसे का कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। रेलवे ने बताया कि यात्री ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई है।
कुर्ला से ट्रॉम्बे के बीच मौजूद यह सिंगल लाइन रेलवे ट्रैक मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल होता है। हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि रेलवे ट्रैक तथा ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम को सुरक्षित किया जाए।
बताया जा रहा है कि JCB की शिफ्टिंग से पहले आसपास के क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया भी की गई थी। इसके बावजूद हादसे में लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आने के बाद अब सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि भारी मशीन उठाने के दौरान सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद घटनास्थल पर क्रेन, JCB और अन्य मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। भारी मशीनों के गिरने के कारण क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने और रेलवे लाइन को सुरक्षित बनाने में सावधानी बरती जा रही है।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ, इसका पता लगाने के लिए क्रेन की क्षमता, JCB का वजन, मशीन को उठाने की प्रक्रिया और ऑपरेशन के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपायों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
यह भी जांच का विषय है कि क्रेन किस एजेंसी या ठेकेदार द्वारा संचालित की जा रही थी और ऑपरेशन के दौरान मौके पर आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा कर्मचारी मौजूद थे या नहीं। किसी तरह की तकनीकी खराबी, ऑपरेटर की चूक या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी या नहीं, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा।
सेंट्रल रेलवे ने घटना को MMRDA से संबंधित कार्य के दौरान हुआ हादसा बताया है। वहीं पुलिस और संबंधित विभाग घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। घायल लोगों की संख्या की आधिकारिक स्थिति भी संबंधित एजेंसियों से पूरी जानकारी मिलने के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
कुरैशी नगर में हुए इस हादसे ने घनी आबादी वाले इलाकों के आसपास भारी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है। क्रेन जैसी भारी मशीनों के संचालन में छोटी सी तकनीकी या मानवीय चूक भी आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
फिलहाल घटनास्थल से मलबा हटाने और प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने का काम जारी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्रेन और JCB गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।