Delhi Encounter: बक्करवाला में क्राइम ब्रांच और हिमांशु भाऊ गैंग के शूटरों के बीच मुठभेड़, दो आरोपी गोली लगने के बाद गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली के बक्करवाला इलाके में क्राइम ब्रांच और कथित तौर पर हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो शूटरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान दोनों संदिग्धों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो ग्लॉक पिस्टल बरामद करने का दावा किया है। घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े कुछ शूटर बक्करवाला इलाके में किसी व्यक्ति की हत्या की कथित साजिश के तहत पहुंचने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्धों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।
पुलिस को मिले इनपुट में आरआरएम अस्पताल के मालिक डॉ. नरेंद्र शर्मा से जुड़ी जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, गैंग सरगना हिमांशु भाऊ की ओर से डॉ. नरेंद्र शर्मा को कथित तौर पर धमकी दिए जाने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर आशंका जताई गई कि गैंग की ओर से उनके खिलाफ किसी वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर भेजे जा सकते हैं। हालांकि कथित साजिश में वास्तविक निशाना कौन था, इसकी विस्तृत जांच अभी की जा रही है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना के आधार पर बक्करवाला और आसपास के क्षेत्र में जाल बिछाया। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध महिंद्रा थार दिखाई दी। टीम ने वाहन चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस का दावा है कि चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से भागने का प्रयास किया।
इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन का पीछा किया। पुलिस के अनुसार, थार यूईआर/फ्लाईओवर के पास सर्विस रोड की ओर तेजी से बढ़ी। भागने के दौरान वाहन एक पिकअप गाड़ी से टकरा गया। टक्कर के बाद थार आगे नहीं बढ़ सकी और उसमें सवार दोनों संदिग्ध गाड़ी छोड़कर पैदल ही भागने लगे।
पुलिस का कहना है कि दोनों संदिग्ध बक्करवाला नाला रोड की तरफ भाग रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया और उन्हें रुककर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। आरोप है कि आत्मसमर्पण करने के बजाय संदिग्धों ने हथियार निकालकर पुलिस टीम की तरफ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों की ओर से पुलिस टीम पर करीब आठ राउंड गोलियां चलाई गईं। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाते हुए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि शुरुआत में चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई, लेकिन आरोपियों की ओर से गोलीबारी जारी रहने पर आत्मरक्षा में नियंत्रित फायरिंग की गई।
जवाबी फायरिंग के दौरान दोनों संदिग्धों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर गए। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को काबू कर लिया। उनके पास मौजूद हथियार भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक कानून से संघर्षरत किशोर है, जबकि दूसरे की पहचान 19 वर्षीय समीर के रूप में हुई है। समीर हरियाणा के रोहतक जिले के रिठाल फोगाट का रहने वाला बताया गया है। पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड और गैंग से उनके कथित संबंधों की विस्तृत जांच कर रही है।
दोनों संदिग्धों के घायल होने के बाद पुलिस ने तत्काल पीसीआर कॉल की। इसके बाद उन्हें एक निजी वाहन की मदद से उपचार के लिए आरटीआर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों का इलाज कराया जा रहा है और उनकी मेडिकल स्थिति के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो ग्लॉक पिस्टल बरामद करने का दावा किया है। इन हथियारों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से हासिल किए गए थे और क्या इनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में भी किया गया था।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया गया। क्राइम टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। घटनास्थल से बरामद हथियारों, चले हुए कारतूसों, वाहन और अन्य साक्ष्यों को नियमानुसार कब्जे में लिया गया है। फोरेंसिक जांच के जरिए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस संदिग्ध महिंद्रा थार के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। वाहन के मालिक और इसके इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों तक यह गाड़ी कैसे पहुंची और कथित वारदात में इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उस व्यक्ति की पहचान करना भी है जिसे कथित तौर पर निशाना बनाया जाना था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों संदिग्ध दिल्ली में किसके निर्देश पर पहुंचे थे और उन्हें कथित वारदात को अंजाम देने के लिए किसने कहा था।
इसके साथ ही हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े संभावित हैंडलरों और अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के संपर्क, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
हिमांशु भाऊ गैंग के साथ दोनों आरोपियों के कथित संबंधों की पुष्टि के लिए भी पुलिस उनके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों कब से गैंग के संपर्क में थे और क्या इससे पहले भी उन्हें किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी।
बक्करवाला में हुई इस मुठभेड़ के बाद क्राइम ब्रांच ने फिलहाल दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कथित हत्या की साजिश से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी जांच के बाद सामने आने हैं। हथियारों के स्रोत, संभावित लक्ष्य, गैंग के हैंडलरों और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए मामले में आगे की जांच जारी है।