Kaushambi LPG Tanker Accident: कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हुई, खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने
Kaushambi LPG Tanker Accident: कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हुई, खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण एलपीजी गैस टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो और टोलकर्मियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस बीच दुर्घटना का दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर को टोल प्लाजा से टकराते और कुछ ही सेकंड में भीषण आग का गोला बनते देखा जा सकता है।
यह हादसा कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी स्थित नेशनल हाईवे-2 पर बने कोखराज-हड़िया टोल प्लाजा पर 26 जून की सुबह करीब 6:40 बजे हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से वाहनों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित एलपीजी गैस टैंकर सीधे टोल प्लाजा के केबिन और दीवार से जा टकराया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर में जोरदार विस्फोट हो गया। देखते ही देखते पूरा टोल प्लाजा आग की लपटों में घिर गया और आसपास का क्षेत्र धुएं से भर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने तत्काल आग पर काबू पाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का अभियान शुरू किया।
दुर्घटना के दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोलकर्मी आलोक सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार को सड़क उपयोगकर्ता अनिल कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गुरुवार को गंभीर रूप से झुलसे दो अन्य टोलकर्मी, रायबरेली निवासी 29 वर्षीय हीरामणि सिंह और मध्य प्रदेश निवासी 23 वर्षीय कृष्णपाल मौर्य की भी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
हीरामणि सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। चार वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका था। अब परिवार में उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के रहने वाले कृष्णपाल मौर्य पिछले दो वर्षों से टोल प्लाजा पर कार्यरत थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल अतुल कुमार मिश्रा का इलाज प्रयागराज के एक अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।
इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के पीछे तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।