Mumbai Fire: जोगेश्वरी की गोमती वैशाली चॉल में मीटर केबिन में लगी आग, 11 लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर
Mumbai Fire: जोगेश्वरी की गोमती वैशाली चॉल में मीटर केबिन में लगी आग, 11 लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर
मुंबई के जोगेश्वरी पश्चिम स्थित गोमती वैशाली चॉल में शुक्रवार तड़के मीटर केबिन में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने साझा मीटर केबिन में लगी, जिसके बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं फैल गया। इस हादसे में धुएं की चपेट में आने और झुलसने से कुल 11 लोग घायल हो गए। इनमें से दो बुजुर्गों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य नौ घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, आग शुक्रवार सुबह करीब 5:59 बजे जोगेश्वरी (पश्चिम) के हाजी जुहू रोड स्थित वैशाली नगर की गोमती वैशाली चॉल में लगी। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने महज 19 मिनट के भीतर, सुबह 6:18 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इमारत के भूतल पर बने साझा मीटर केबिन में मौजूद इलेक्ट्रिक वायरिंग और विद्युत उपकरणों में अचानक आग लग गई। आग मीटर केबिन तक ही सीमित रही, लेकिन उससे निकला घना धुआं पूरी इमारत में फैल गया। अधिकांश निवासी उस समय सो रहे थे, जिससे कई लोग धुएं की चपेट में आ गए और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
शुरुआत में केवल दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में ट्रॉमा केयर अस्पताल से मिली अद्यतन जानकारी के अनुसार घायलों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। इनमें सात पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
हादसे में 75 वर्षीय सलीम नूर मोहद्दीन तडवी और उनकी 67 वर्षीय पत्नी मुमताज सलीम तडवी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को बेहतर इलाज के लिए कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा यूसुफ मीठा (55), समीरा मीठा (55), इरफान मीठा (46), बिल्किस मीठा (70), मोहम्मद आमिर मीठा (80), हुसा मीठा (40), 13 वर्षीय इरफा मीठा, मेहरागिज बाटावाला (64) और अली अशद बाटावलकर (33) को ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इन सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार जारी है।
घटना के बाद दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने इमारत की विद्युत व्यवस्था का भी परीक्षण शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने नागरिकों और हाउसिंग सोसायटियों से अपील की है कि विशेष रूप से मानसून के दौरान मीटर केबिन, बिजली के तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए। समय रहते रखरखाव और सुरक्षा उपाय अपनाने से इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।