Dulhasti Dam: दुलहस्ती बांध के गेट खोले गए, चिनाब का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
Dulhasti Dam: दुलहस्ती बांध के गेट खोले गए, चिनाब का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली, 1 जुलाई : जम्मू-कश्मीर में स्थित दुलहस्ती पनबिजली परियोजना के गेट खोले जाने के बाद चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गाद (सिल्ट) हटाने की प्रक्रिया के दौरान नदी के जल प्रवाह में अचानक तेजी आ सकती है, इसलिए लोग नदी, नालों और जलधाराओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
जानकारी के अनुसार, दुलहस्ती पावर प्रोजेक्ट के गेट नियमित तकनीकी प्रक्रिया के तहत खोले गए हैं, जिससे चिनाब नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दुलहस्ती परियोजना चिनाब नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना है। इसका पहला चरण 390 मेगावाट क्षमता का ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ प्रोजेक्ट है, जिसका संचालन नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) करता है। यह परियोजना वर्ष 2007 से संचालित हो रही है और उत्तरी ग्रिड को बड़ी मात्रा में बिजली उपलब्ध कराती है। इससे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बिजली की आपूर्ति होती है।
भारत सरकार ने चिनाब नदी पर 260 मेगावाट क्षमता वाली दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना को पिछले वर्ष आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना का उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाना और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और मजबूत करना है। अधिकारियों के अनुसार यह भी ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ मॉडल पर आधारित परियोजना है, जिसमें नदी के प्राकृतिक प्रवाह का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।
दूसरी ओर, सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही मतभेद बने हुए हैं। दुलहस्ती परियोजना और चिनाब नदी से जुड़े विकास कार्यों पर पाकिस्तान समय-समय पर आपत्ति जताता रहा है और संधि के उल्लंघन के आरोप लगाता रहा है। वहीं भारत का कहना है कि उसकी सभी जलविद्युत परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों के अनुरूप हैं और उनका उद्देश्य केवल ऊर्जा उत्पादन एवं जल संसाधनों का वैध उपयोग करना है।
हाल के दिनों में सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हुई है। हालांकि दुलहस्ती परियोजना के गेट खोले जाने के संबंध में स्थानीय प्रशासन का मुख्य फोकस लोगों की सुरक्षा और नदी के बढ़े हुए जलस्तर को लेकर एहतियाती कदम उठाने पर है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।