Amethi accident : अमेठी में कच्चे मकान की दीवार गिरने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल
Amethi accident : अमेठी में कच्चे मकान की दीवार गिरने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। घाटमपुर के पूरे परमेश्वरी गांव में कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक महिला और उसकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब पूरा परिवार अपने घर के अंदर गहरी नींद में सो रहा था।
जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश का परिवार रात के समय रोज की तरह अपने कच्चे मकान में सोया हुआ था। देर रात करीब चार बजे अचानक मकान की एक कच्ची दीवार तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया और परिवार के तीन सदस्य उसमें दब गए।
हादसे में ओमप्रकाश की 35 वर्षीय पत्नी कमलेश कुमारी, उनकी 7 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला गया।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामो ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला कमलेश कुमारी और उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गंभीर रूप से घायल बेटे को प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लगातार बारिश और नमी के कारण कच्ची दीवार कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई पुराने और कमजोर कच्चे मकान हैं, जो बरसात के मौसम में खतरा बन जाते हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जर्जर मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए समय-समय पर पुराने मकानों की जांच और मरम्मत बेहद जरूरी है।
पूरा गांव इस हादसे से सदमे में है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।