Weather Havoc In India: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से कई राज्यों में तबाही, यूपी में 20 और बिहार में 14 लोगों की मौत

0

Weather Havoc In India: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से कई राज्यों में तबाही, यूपी में 20 और बिहार में 14 लोगों की मौत

देशभर में कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद बदला मौसम अब कहर बनकर टूट पड़ा है। नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस खराब मौसम के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अलग-अलग राज्यों से अब तक दर्जनों लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।

सबसे ज्यादा असर Uttar Pradesh और Bihar में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जुड़े हादसों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि बिहार में 14 लोगों ने जान गंवाई। इसके अलावा उत्तराखंड और झारखंड में भी कई लोगों की मौत की सूचना है। तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था, रेल सेवा और हवाई यातायात पर भी व्यापक असर पड़ा।

उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात शुरू हुई तेज आंधी और बारिश ने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया, लेकिन बुंदेलखंड और पूर्वांचल में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। Varanasi में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में चौरीचौरा और गौरी बाजार स्टेशन के बीच रेल लाइन पर चार पेड़ गिरने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। गोरखपुर कैंट से देवरिया के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कई ट्रेनें घंटों तक ट्रैक पर खड़ी रहीं।

वहीं, उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन रोकना पड़ा। Prayagraj में मई महीने में एक दिन में सबसे अधिक बारिश का 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच केवल चार घंटों में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 18 मई 1971 को 54 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने को कहा गया है।

बिहार में भी आंधी, बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। राजधानी Patna में 107 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि गया में हवा की गति 74 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश मोतिहारी में 116 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित रहा।

नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। पुजहा घाट के पास संपर्क मार्ग पानी में डूब गया, जिससे आवाजाही बाधित हो गई। खराब मौसम के चलते पटना एयरपोर्ट पर चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 36 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं।

Jharkhand के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कई स्थानों पर नुकसान भी हुआ। वहीं, Uttarakhand के रुद्रप्रयाग जिले के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान लखनऊ निवासी अभिनव वाजपेयी और अभिषेक वाजपेयी के रूप में हुई है। दोनों ट्रेकिंग के लिए पहुंचे थे। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।

प्रशासन और राहत एजेंसियों ने खराब मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का रेस्क्यू किया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार अचानक मौसम खराब होने से कई पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों में फंस गए थे। तेज आंधी और बिजली गिरने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Himachal Pradesh में कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि और बारिश दर्ज की गई। राज्य की ऊंची चोटियों रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा में हल्का हिमपात भी हुआ। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बादलों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। अनंतनाग में तेज हवा के दौरान अखरोट का पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।

उत्तराखंड में हुई बारिश से जंगलों में लगी आग भी पूरी तरह बुझ गई है। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में पिछले दिनों जंगलों में लगी आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था, लेकिन बारिश के बाद हालात में सुधार हुआ है।

उधर, West Bengal के दक्षिणी हिस्सों में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान और तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी। देर रात तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। 70 से 88 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कोलकाता समेत कई जिलों में पेड़ उखाड़ दिए और बिजली व्यवस्था ठप कर दी। हावड़ा और हुगली जिलों में भी भारी नुकसान की खबरें हैं।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.