Petrol Diesel Price Hike: 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये तक महंगे
Petrol Diesel Price Hike: 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये तक महंगे
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगी हो चुकी हैं।
तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है, जिसकी वजह से घरेलू बाजार में भी कीमतों को समायोजित करना जरूरी हो गया है। कंपनियों के अनुसार, यदि एक साथ बड़ी बढ़ोतरी की जाती तो आम उपभोक्ताओं पर अचानक भारी बोझ पड़ता। इसी कारण दामों में धीरे-धीरे इजाफा किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इस समय करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक मांग बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है।
देश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी ईंधन महंगा होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत पर असर पड़ता है, जिसका प्रभाव सब्जियों, खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर, छोटे व्यापारियों और किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग अब अतिरिक्त खर्च का सामना कर रहे हैं। वहीं, माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ना शुरू हो गया है।
सरकार की ओर से फिलहाल कीमतों को लेकर कोई बड़ी राहत की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।