Jammu Kashmir Encounter: राजौरी के जंगलों में छिपे पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश तेज, सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी

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Jammu Kashmir Encounter: राजौरी के जंगलों में छिपे पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश तेज, सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार सुबह से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। जिले के गंभीर मुगलान इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने बड़े स्तर पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच संक्षिप्त गोलीबारी भी हुई, जिसके बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया। फिलहाल जंगलों में तलाशी अभियान लगातार जारी है और सुरक्षा बल बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि डोरीमाल के घने जंगलों में दो से तीन आतंकी छिपे हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे और लंबे समय से राजौरी-पुंछ बेल्ट में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीमों को इलाके में रवाना किया गया।

ऑपरेशन के दौरान सुबह करीब 11:30 बजे सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ। इसके बाद दोनों तरफ से कुछ देर तक गोलीबारी हुई। आतंकियों ने जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर अपनी स्थिति बदलने की कोशिश की, जबकि सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, काफी समय से फायरिंग बंद बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे ऑपरेशन का हिस्सा मानकर लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऑपरेशन की जानकारी साझा की। पोस्ट में बताया गया कि भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा गंभीर मुगलान इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया। सेना ने कहा कि संपर्क स्थापित होते ही जवानों ने सुनियोजित तरीके से जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकियों के भारी हथियारों से लैस होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकियों को पकड़ नहीं लिया जाता या उन्हें मार गिराया नहीं जाता। सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि जंगल में छिपे आतंकियों के पास भागने का कोई रास्ता न बचे। इसके लिए इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और ड्रोन तथा आधुनिक निगरानी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

घना जंगल और पहाड़ी इलाका सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। जवान बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि आतंकियों द्वारा घात लगाकर हमला करने की संभावना बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी लंबे समय तक जंगलों में छिपे रहने की तैयारी के साथ आए थे।

एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजौरी-पुंछ बेल्ट में पिछले कुछ महीनों में कई आतंकी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को लेकर बेहद गंभीर हैं।

सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और हर गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को किसी भी कीमत पर बच निकलने नहीं दिया जाएगा।

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