Raebareli Rally: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, भाजपा ने बयान को बताया पिछड़ों का अपमान
Raebareli Rally: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, भाजपा ने बयान को बताया पिछड़ों का अपमान
Rahul Gandhi ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के भाषण के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने उनके बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस पर पिछड़ों और गरीबों का अपमान करने का आरोप लगाया है।
रायबरेली की सभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और आरएसएस की विचारधारा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान आम जनता की आवाज और संघर्ष का प्रतीक है और इसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला होता है तो लोगों को चुप नहीं रहना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में देश में आर्थिक संकट और बढ़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस, दाल और चावल जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का फायदा सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को मिल रहा है जबकि आम जनता आर्थिक दबाव झेल रही है।
सभा के दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संविधान ने देश में आरक्षण और सार्वजनिक क्षेत्र की व्यवस्था दी थी ताकि लोगों को रोजगार और समान अवसर मिल सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर रही है और इससे युवाओं के रोजगार प्रभावित हो रहे हैं।
राहुल गांधी के भाषण के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस नेता लगातार प्रधानमंत्री और पिछड़े वर्ग से आने वाले नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं पर गलत बयानबाजी कर रही है।
राहुल गांधी की रायबरेली रैली के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के बयान और राजनीतिक हमले आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं।