Bengal Government: पहली कैबिनेट बैठक में शुभेंदु अधिकारी सरकार के बड़े फैसले, आयुष्मान से लेकर बीएनएस तक कई ऐलान
Bengal Government: पहली कैबिनेट बैठक में शुभेंदु अधिकारी सरकार के बड़े फैसले, आयुष्मान से लेकर बीएनएस तक कई ऐलान
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार तेज गति से काम करने की तैयारी में है। सोमवार को हुई इस बैठक में स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, प्रशासन और सीमा सुरक्षा से जुड़े पांच बड़े निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के जरिए राज्य में विकास और सुशासन को नई दिशा दी जाएगी।
सरकार का सबसे चर्चित फैसला आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करना रहा। लंबे समय से पश्चिम बंगाल इस योजना से बाहर था लेकिन अब नई सरकार ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा और यह सुविधा पूरी तरह कैशलेस होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। अब राज्य के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को नियमों के अनुसार केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और अधिकारियों को आधुनिक व्यवस्था के अनुसार तैयार करने में मदद मिलेगी।
नई सरकार ने भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस को भी लागू करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पिछली सरकार ने जानबूझकर नए आपराधिक कानूनों को लागू नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अब राज्य में पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह नए कानूनों के अनुसार काम किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे अपराध नियंत्रण और न्याय व्यवस्था में सुधार होगा।
सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में बीएसएफ को बॉर्डर इलाकों में जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में लगातार बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला बेहद जरूरी था। सरकार ने मुख्य सचिव और भूमि विभाग को 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला भी इस बैठक का अहम हिस्सा रहा। सरकार ने घोषणा की कि जिन 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हुई, उनके परिवारों को सहायता दी जाएगी। बीजेपी लंबे समय से बंगाल में राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाती रही है और नई सरकार ने इस फैसले के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद पूर्व टीएमसी सरकार पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की। महिलाओं के आरक्षण और जनगणना जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने टीएमसी सरकार को घेरा। पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों से साफ संकेत मिला है कि नई सरकार प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में है।