Operation Sindoor Anniversary आतंकवाद पर भारत का बड़ा संदेश, पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
Operation Sindoor Anniversary आतंकवाद पर भारत का बड़ा संदेश, पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को किसी भी कीमत पर जारी रखेगा। नई दिल्ली से जारी कड़े संदेश में भारत ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करना उसका अधिकार है और दुनिया अब पाकिस्तान की भूमिका को अच्छी तरह समझ चुकी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि पहलगाम आतंकी हमला क्या था और भारत ने उसका जवाब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद लंबे समय से पाकिस्तान की सरकारी नीति का हिस्सा रहा है और भारत ऐसे खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
पिछले साल 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे। भारतीय एजेंसियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे।
ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। पाकिस्तान की ओर से जवाबी हमलों की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया। बाद में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत हुई और 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बड़ा खुलासा किया। ऑपरेशन के दौरान सेना के संचालन महानिदेशक रहे Rajiv Ghai ने कहा कि पाकिस्तान और पीओके में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अब इन आतंकी ठिकानों को पाकिस्तान के भीतरी इलाकों में शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन भारत की पहुंच से वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
वायु सेना के पूर्व संचालन महानिदेशक Awadhesh Kumar Bharti और नौसेना के पूर्व संचालन महानिदेशक A N Pramod ने भी ऑपरेशन को भारत के सैन्य इतिहास के सबसे सफल अभियानों में से एक बताया। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक क्षमता को दुनिया के सामने साबित किया।
भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए दुनिया के साथ मिलकर काम करता रहेगा। सरकार और सेना दोनों ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी देश की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।