KGMU LPG Crisis: लखनऊ के KGMU में गैस संकट, मरीजों और छात्रों की थाली में कमी

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KGMU LPG Crisis: लखनऊ के KGMU में गैस संकट, मरीजों और छात्रों की थाली में कमी

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एलपीजी गैस संकट का असर अब सीधे मरीजों और छात्रों की थालियों तक पहुंच गया है। पहले जहां मरीजों को दाल-सब्जी के साथ चार रोटियां मिलती थीं, वहीं अब गैस की कमी के कारण केवल दो रोटियों के साथ भोजन दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने रोटियों की संख्या कम करने के बावजूद मरीजों का पेट भरने के लिए चावल की मात्रा बढ़ा दी है, लेकिन इससे कई मरीजों को अपनी रोग स्थितियों के अनुसार भोजन लेने में कठिनाई हो रही है।

इस संकट का असर स्टूडेंट मेस पर भी पड़ा है। कई छात्रावासों की मेस में गैस की कमी के कारण रसोई कार्य प्रभावित हुआ। छात्रों ने शिकायत की कि कई मेस में भोजन आधा-अधूरा बनने के कारण उन्हें बाहर जाकर खाना पड़ रहा है। मेस संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में मेस संचालन मुश्किल हो जाएगा।

विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि कुछ बीमारियों में मरीजों को चावल खाने से परहेज करना पड़ता है। ऐसे मरीजों के लिए रोटियों की कटौती उनके स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि इलाज के साथ-साथ पौष्टिक और पर्याप्त भोजन भी समय पर उपलब्ध कराया जाए।

प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजामों की दिशा में कदम उठाए हैं। बताया गया है कि बिजली से चलने वाला रोटी मेकर लाने की तैयारी की जा रही है ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके। वहीं छात्रावासों के मेस संचालकों ने आपातकालीन स्थिति में लकड़ी जलाकर खाना बनाने की अनुमति भी मांगी है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिया है कि अस्पताल और छात्रावासों के लिए आवश्यक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे और गैस आपूर्ति जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

इस संकट ने मरीजों और छात्रों दोनों के लिए भोजन की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित किया है, और प्रशासन इस स्थिति को सुधारने के लिए त्वरित कदम उठा रहा है।

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