Delhi Murder Case: दोस्त ने रची साजिश, अनरूप गुप्ता की हत्या कर शव के टुकड़े यमुना में फेंके

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Delhi Murder Case: दोस्त ने रची साजिश, अनरूप गुप्ता की हत्या कर शव के टुकड़े यमुना में फेंके

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाने वाले 48 वर्षीय अनरूप गुप्ता की दोस्ती लालच और साजिश की भेंट चढ़ गई। आरोप है कि उनके ही परिचित ने हनी ट्रैप के जरिए अपहरण, लूट और हत्या की साजिश रची और पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर उन्हें यमुना नदी में फेंक दिया।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी हैप्पी उर्फ सूरज (29) ने करीब एक साल पहले अनरूप गुप्ता से दोस्ती की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी की नजर गुप्ता द्वारा पहने जाने वाले सोने के आभूषणों पर थी। उसे यह भी जानकारी थी कि गुप्ता परिवार से अलग रह रहे हैं।

18 फरवरी को आरोपी ने गुप्ता को मटियाला एक्सटेंशन स्थित अपने किराए के मकान पर पार्टी के बहाने बुलाया। वहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर उसे रस्सी से बांध दिया गया और पैसों व गहनों की मांग को लेकर मारपीट की गई। गुप्ता ने बताया कि उनके गहने छत्तीसगढ़ सदन में खड़ी उनकी एसयूवी में रखे हैं। इसके बाद आरोपी कार की चाबी लेकर वहां पहुंचे और गहने निकाल लिए। जब गुप्ता ने नकद रकम देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें तीन प्लास्टिक बैग में भरकर उसी एसयूवी से उत्तर प्रदेश के वृंदावन के पास यमुना में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने गुप्ता का मोबाइल बंद नहीं किया और उसी फोन से कैंटीन स्टाफ और परिजनों को भ्रामक संदेश भेजते रहे, ताकि शक न हो।

23 फरवरी को परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और एनएचएआई टोल डेटा के विश्लेषण से एसयूवी की गतिविधियां सामने आईं। फुटेज में गुप्ता को मटियाला स्थित इमारत में जाते हुए देखा गया, लेकिन बाहर निकलते नहीं। बाद में वही कार यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाती दिखाई दी।

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस वारदात में और लोग शामिल थे।

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि लालच और विश्वासघात किस तरह एक भरोसेमंद रिश्ते को भी खून-खराबे में बदल सकता है।

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