UP Politics: यूपी के महोबा में बीजेपी के भीतर खुला टकराव, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक ब्रजभूषण राजपूत आमने-सामने
UP Politics: यूपी के महोबा में बीजेपी के भीतर खुला टकराव, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक ब्रजभूषण राजपूत आमने-सामने
महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के ही विधायक ब्रजभूषण राजपूत और उनके समर्थक उग्र हो गए। जल आपूर्ति और सड़कों की बदहाली को लेकर शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते सरेआम तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की में बदल गया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा दौरे पर थे। इसी दौरान चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने समर्थकों और करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मंत्री के काफिले के सामने पहुंच गए और रास्ता रोक लिया। विधायक और ग्राम प्रधानों का आरोप था कि जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी की आपूर्ति ठीक से नहीं हो रही है। कई गांवों में अब भी नल से पानी नहीं पहुंच रहा, जबकि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विरोध के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब मंत्री समर्थकों और विधायक समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। नारेबाजी और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ भी विधायक समर्थकों की झड़प हो गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। रामश्री महाविद्यालय के पास हुई इस कहासुनी ने पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज कर दी।
विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्थिति को संभालने के लिए खुद विधायक ब्रजभूषण राजपूत को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां सभी ग्राम प्रधानों और अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में विधायक ने खुलकर आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच रहा है। गांवों में भीषण जल संकट बना हुआ है और टूटी सड़कों के कारण जनता त्रस्त है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बीजेपी के अंदरखाने चल रही नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया है। सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक के बीच खुले टकराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो विरोध और तेज हो सकता है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और मामले को शांत कराने की कोशिश में जुटा है।