Delhi crime: शालीमार बाग में दिनदहाड़े महिला की हत्या, पति के हत्यारों को सजा दिलाने की लड़ाई बनी मौत की वजह

0

Delhi crime: शालीमार बाग में दिनदहाड़े महिला की हत्या, पति के हत्यारों को सजा दिलाने की लड़ाई बनी मौत की वजह

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने से राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की पहचान रचना यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रचना यादव अपने पति की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं और इसी संघर्ष की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

पुलिस के मुताबिक वारदात सुबह करीब 11 बजे की है, जब शालीमार बाग क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने रचना यादव को निशाना बनाया और उन्हें गोली मार दी। गोली लगते ही रचना यादव मौके पर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक रचना यादव की मौत हो चुकी थी।

जांच में सामने आया है कि करीब तीन साल पहले रचना यादव के पति की भी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस मामले में रचना यादव मुख्य गवाह थीं। पति की हत्या के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और इंसाफ की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पति की हत्या में शामिल कुछ आरोपी अब भी फरार चल रहे थे, जो रचना यादव की गवाही और कानूनी लड़ाई के चलते लगातार दबाव में थे। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं आरोपियों ने रचना यादव को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

शालीमार बाग थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

यह मामला न सिर्फ एक जघन्य हत्या का है, बल्कि उस महिला की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है, जो न्याय के लिए सर्वोच्च अदालत तक पहुंची थी। रचना यादव की हत्या ने गवाहों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.