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Myanmar Earthquake: म्यांमार में विनाशकारी भूकंप, 2,700 से अधिक मौतें

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Myanmar Earthquake: म्यांमार में विनाशकारी भूकंप, 2,700 से अधिक मौतें

म्यांमार में पिछले हफ्ते आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,700 से अधिक हो गई है, जबकि 4,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं, और मृतकों की संख्या 3,000 के पार जाने की आशंका है। सैन्य सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है, लेकिन राहत और बचाव कार्य कठिनाइयों से घिरे हैं। मांडले और नेपीडॉ में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां कई ऐतिहासिक मंदिर, इमारतें और घर ढह गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मांडले में एक प्रीस्कूल की इमारत गिरने से 50 बच्चों और दो शिक्षकों की मौत हो गई। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और भोजन, पानी और दवाओं की भारी कमी है। सिविल वॉर के चलते राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मध्य और उत्तर-पश्चिम म्यांमार में 10,000 से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप से एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से 70 लोगों की मौत हो गई, जबकि 74 अब भी लापता हैं। बचाव दल लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन समय बीतने के साथ जीवित बचने की संभावना कम होती जा रही है।

राहत और बचाव कार्य में लगे दल लगातार मलबे में दबे लोगों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सहायता की भारी कमी के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं। इस आपदा के बीच, कुछ देर के लिए राहत अभियान तब रोकना पड़ा जब लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए म्यांमार की सैन्य सरकार ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। बचावकर्मी और सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी और लोगों के रहने की भारी कमी है। सिविल वॉर के चलते राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाने में भी बाधाएं आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, मांडले में एक प्रीस्कूल की इमारत गिरने से 50 बच्चों और दो शिक्षकों की मौत हो गई। इसके अलावा, हजारों लोग बेघर हो गए हैं और अब खुले में रात गुजारने को मजबूर हैं।

इस विनाशकारी भूकंप के कारण म्यांमार में 10,000 से अधिक मकान या तो पूरी तरह गिर गए हैं या गिरने की कगार पर हैं। भयभीत लोग अब सड़कों और खुले इलाकों में रहने को मजबूर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी पुष्टि की है कि मध्य और उत्तर-पश्चिम म्यांमार में भारी तबाही हुई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आग्रह किया है कि प्रभावित इलाकों में, खासकर जहां प्रशासनिक नियंत्रण कठिन है, मानवीय सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचाई जानी चाहिए।

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