उत्तर बंगाल में बाढ़ जैसे हालात, बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे निशान से ऊपर पहुंचा

उत्तर बंगाल में बाढ़ जैसे हालात, बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे निशान से ऊपर पहुंचा
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं जबकि बिहार में कई स्थान पर प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके अलावा देश के पूर्वी भाग भारी बारिश से प्रभावित हैं। असम में 29 जिले भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कामरूप जिले में राहत शिविरों का दौरा कर उनमें रह रहे लोगों को मुहैया कराई जा रहीं सुविधाओं का जायजा लिया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल मिलाकर 107 राजस्व सर्किल और 3,535 गांवों के लगभग 24 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और बराक समेत कई स्थानों पर कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल में, मौसम विभाग ने बताया कि उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में 12 जुलाई तक भारी बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम से आने-जाने वाले यातायात को अन्य मार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीस्ता और कोरोला नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
मुख्यालय शहर के अलावा जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी, मोयनागुड़ी और क्रांति में कई स्थान मूसलाधार बारिश से प्रभावित हुए। जलपाईगुड़ी शहर में सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 166 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि बागडोगरा में 103 मिमी बारिश हुई। बिहार में जल संसाधन विभाग ने एक बुलेटिन में कहा कि 24 घंटे की अवधि में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश के कारण कई स्थान पर प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, शिवहर, औराई, सुप्पी और अन्य आसपास के क्षेत्रों में बागमती नदी का जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। गोपालगंज और सिधवलिया में गंडक नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे तक खतरे के निशान से ऊपर था।
बुलेटिन में कहा गया है कि मधुबनी, लखनौर और झंझारपुर में कमला बलान का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है जबकि मधुबनी और जयनगर के कुछ इलाकों में कमला भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अररिया में परमान खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि महानंदा पूर्णिया और बैसी में खतरे के निशान को पार कर गयी है। कोसी और लाल बकेया नदी खगड़िया, बेलदौर और सीतामढ़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में चेतावनी स्तर पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में, एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि एक खेत में काम कर रहीं 12 महिलाओं और उनके बच्चों को बाढ़ के पानी से निकाला गया। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में मानसून ने जोर पकड़ लिया है और कई स्थानों पर नदियों का स्तर बढ़ गया है। कुशीनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के कई इलाकों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।